What is Cost Accounting In Hindi || Cost Accounting in Hindi

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नमस्कार दोस्तों एक बार फिर आपका स्वागत है सीखो एकाउंटिंग में। 

आज के इस आर्टिकल में हम आपको बतायंगे Cost Accounting kya hai (What is Cost Accounting in Hindi) तथा लागत के प्रकार,कॉस्ट एकाउंटिंग के प्रकार,कॉस्ट एकाउंटिंग के लाभ आदि।

Cost Accounting in Hindi
Cost Accounting in Hindi

What is Cost Accounting in Hindi || Cost Accounting Kya hai ? || Cost Accouning in Hindi || Type of Cost Accounting in Hindi || Advantage of Cost Accounting in Hindi

कॉमर्स और बिज़नेस से रिलेटेड सवाल और टर्म्स समझने में ज्यादातर लोगो को दिक्कत आती है ऐसे ही एक और एकाउंटिंग का टॉपिक है Cost Accounting जिसको समझने में बहुत लोगो को समस्या होती है आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से आपको बहुत सरल और आसान भाषा में cost Accounting से रिलेटेड सारी जानकारी शेयर करेंगे।

Cost Accounting kya hai ?

Cost Accounting के माध्यम से किसी भी कंपनी के खर्चो और उत्पादन के बारे में जाना तथा विश्लेषण किया जा सकता है,जिसके द्वारा आप अपनी कंपनी के हर एक इकाई के टोटल उत्पादन और लागत (Cost) के बारे में पता लगा सके। आमतौर पर बड़ी-बड़ी कंपनी एक साथ कई प्रकार के उत्पादों को बनाती है तथा इन सब इकाई को Cost Accounting के माध्यम से जाना जा सकता है किस इकाई से कितना फायदा हो रहा है और किस इकाई से नुकसान।

Cost Accounting क्यों जरुरी है ?

cost Accounting एक कंपनी के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है हम इसके द्वारा निम्न चीज़ों को ज्ञात कर सकते है…

  1. हम किस जगह पर कितनी लागत लगा रहे है इसका पता लगाया जा सकता है।
  2. किस इकाई में कितना Material waste हो रहा है तथा उसको कैसे रोका जा सकता है इसका भी विश्लेषण किया जा सकता है।
  3. किस इकाई से कंपनी को प्रॉफिट या लोस्स हो रहा है इसका भी पता cost एकाउंटिंग से लगाया जा सकता है।

लागत के प्रकार ( Type Of Cost in Hindi)

लागत के मुख्य प्रकार है चलिए समझते है..

अनुमानित लागत (Estimated cost)

किसी भी कंपनी द्वारा माल का उत्पादन करने से पहले उस प्रोडक्ट का एक अनुमानित लागत भी निश्चित की जाती है इसको ही अनुमानित लागत कहा जाता है। 

उदहारण : जैसे मान लेते है आपकी कंपनी अगरबत्ती का उत्पादन करती है XYZ कंपनी के द्वारा आपको 10 हज़ार KG अगरबत्ती कुछ नये तरीके से बनाने का आर्डर देने के लिए कहा तब आप एक अनुमानित लागत XYZ कंपनी को बता देंगे कि इतना आपको खर्चा आएगा।

परिवर्तन लागत (Conversion Cost)

किसी भी वस्तु को निर्माण या उत्पादन करने के लिए Raw Material से प्रॉडकशन में कन्वर्ट करने के लिए आने वाली Cost को Conversion cost यानी परिवर्तन लागत कहा जाता है। इसके अंतर्गत पैकजिंग,प्रोसेसिंग लागत, शिपिंग जैसी लागत आती है।

प्रतिस्थापन लागत (Replacement Cost)

किसी कंपनी में जैसे एक मशीन से काम चल रहा है या एक प्रोडक्शन जिसके माध्यम कंपनी का काम चल रहा है इनके स्थान पर दूसरी चीज़ को लाना ही प्रतिस्थापन कहलाता है।

उदहारण : जैसे एक कंपनी में ऐसी मशीन या कंप्यूटर जिनके माध्यम से उत्पादन का काम चल रहा है इन चीज़ों को Replace करने में आने वाली cost को प्रतिस्थापन लागत कहते है।

प्रमाप लागत (Standard Cost)

प्रमाप लागत वह लागत होती है जो हर जगह पर same होती है यानी आप किसी भी जगह पर उस प्रोडक्ट का उत्पादन करे सब जगह लागत एक जैसी ही आएगी इसको ही प्रमाप लागत कहेंगे।

स्थायी लागत (Fixed Cost)

ऐसी लागत जिसमे आप उत्पादन करे या न करें वह आपका खर्चा या लागत लगनी ही है इसको ही स्थाई लागत कहते है जैसे मशीनो का बीमा करवाना,किराये का भुगतान,सम्पति कर,ब्याज का भुगतान आदि इसके उदहारण है। 

Cost Accounting के प्रकार (Types of Cost Accounting in hindi)

Cost Accounting चार प्रकार की होती है जो निम्न प्रकार है। 

मानक लागत लेखांकन (Standard Cost Accounting)

मानक लागत लेखांकन के माध्यम से हम अपने बिज़नेस की मानक परिस्थिति में वस्तु एवं सेवाओं का प्रोडक्शन करने के लिए साधन और श्रम का हम कितनी अच्छी तरह से प्रयोग कर रहे है या प्रयोग किया जा सकता है इसका हम Standard Cost accounting के द्वारा पता लगा सकते है।

लीन एकाउंटिंग  (Lean Accounting)

लीन एकाउंटिंग के द्वारा कंपनी या बिज़नेस में माल की गुणवत्ता और लाभ को बढ़ाना इसका मुख्य काम होता है। लीन एकाउंटिंग में कई प्रकार के ऐसे लीन प्रैक्टिस है। जिनका प्रयोग करके कंपनी या बिज़नेस में व्यर्थ टाइम और संसाधनों को कम किया जाता है। जिसके द्वारा प्रोडक्ट की Cost को कम से कम किया जाए।

गतिविधि आधारित लागत लेखांकन (Activity Based Cost Accounting)

Activity Based Cost Accounting, लागत को कैलकुलेट करने का एक मेथड है। किसी भी कंपनी या बिज़नेस में जो उत्पादन से रिलेटेड एक्टिविटी होती है उन सब एक्टिविटी को Identify करने के साथ ही उन सभी एक्टिविटी के ऊपर कितनी Cost आ रही है। इसका विश्लेषण इसी एकाउंटिंग मेथड के द्वारा किया जाता है।

   सीमान्त लागत लेखांकन (Marginal Cost Accounting)

किसी भी उत्पादन में एक अतिरिक्त इकाई को बनाने के लिए जो Cost देनी पड़ती है उसको ही सीमान्त लागत कहते है। 

इसको हम एक उदहारण से समझ सकते है..

जैसे 500 इकाई बनाने की कुल लागत 10,000/- रूपये है तो इस सवाल के हिसाब से हमको एक इकाई की cost 20/- रूपये पड़ेगी। अब अगर हम एक अतिरिक्त इकाई बनाते है तब इसकी कुल cost 10,200/- रूपये पड़ेगी अर्थात एक अतिरिक्त इकाई बनाने पर 200/- रूपये जो अतिरिक्त लागत लग रही है उसको ही सीमांत लागत कहेंगे।

Cost Accounting Method In Hindi

cost एकाउंटिंग के अंतर्गत निम्न प्रकार की method होती है चलिए जानते है।

  1. प्रमाप लागत विधि (Standard Cost Method)
  2. प्रक्रिया लागत विधि (Process Cost Method)
  3. सीमांत लागत विधि (Marginal Cost Method)
  4. परिचालन लागत विधि (Operating Cost Method)
  5. समूह लागत विधि (Group Costing Method)
  6. लक्ष्य लागत विधि (Target Cost Method)
  7. इकाई एवं उत्पादन लागत विधि (Unit and Production Costing Method)
  8. विभागीय लागत विधि (Departmental Costing Method)
  9. ठेका लागत एवं उपकार्य लागत विधि (Contract Costing and Job Costing Method)
  10. लागत योग विधि (Cost Sum Method)

Cost Accounting के अंतर्गत यह कुल विधि है जिसके माध्यम से अलग अलग टाइप के बिज़नेस में इन मेथड का उपयोग किया जाता है।

Advantages Of Cost Accounting In Hindi

Cost Accounting का उपयोग में लाने पर कई प्रकार के बिज़नेस को फायदे होते है जो निम्न प्रकार है। 

  1. Cost Accounting के माध्यम से विक्रय मूल्य को निर्धारित करने में सहायता मिलती है।
  2. Cost Accounting के माध्यम से प्रत्येक इकाई की लागत का पता लगाया जा सकता है।
  3. लागत लेखांकन के माध्यम से कंपनी के लाभ-हानि का अनुमान लगाया जा सकता है।
  4. Cost Accounting के माध्यम से उत्पादन की मात्रा का निर्धारण आराम से किया जा सकता है।
  5. Cost Accounting के माध्यम से कर्मचारी द्वारा किये गए काम का आकलन कर लिया जाता है जिससे कर्मचारी कामचोरी नहीं करते है।

F&Q

Q: लागत लेखांकन के कितने प्रकार है?

Ans: cost Accounting चार प्रकार की होती है जो निम्न प्रकार है। 

  • 1.मानक लागत लेखांकन (Standard Cost Accounting)
  • 2. लीन एकाउंटिंग (Leen Accounting)
  • 3. गतिविधि आधारित लागत लेखांकन (Activity Based Cost Accounting)
  • 4. सीमांत लागत लेखांकन (Marginal Cost Accounting)

Q: लागत लेखांकन किसका भाग है?

Ans: लागत लेखांकन मुख्य रूप से एकाउंटिंग का भाग है। 

निष्कर्ष : इस आर्टिकल में आपने जाना कि Cost Accounting kya Hai ? (What Is Cost Accounting in Hindi) तथा लागत के प्रकार,कॉस्ट एकाउंटिंग के प्रकार,कॉस्ट एकाउंटिंग के लाभ आदि।

इस आर्टिकल से रिलेटेड कोई भी चीज़ समझ न आ रही हो या आप हमसे कुछ पूछना चाहते है। तो नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है। अगर आपको हमारा यह लेख पसंद हो, तो इससे अपने दोस्तों में भी शेयर करें।
आपका दिन शुभ रहे।

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