Finance Kya hota hai? | What is Finance In Hindi (2023)

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नमस्कार दोस्तों एक बार फिर आपका स्वागत है सीखो एकाउंटिंग में। 

Finance Kya hota hai – फाइनेंस एक आर्थिक प्रक्रिया और व्यवस्था है जो धन निधि और रुपैया के प्रबंधन और उपयोग से सम्बंधित होती है. इसका उद्देश्य धन की प्राप्ति व्यय और निवेश का नियंत्रण करना है. Finance व्यावसायिक हिसाब-किताब रोजगारन और व्यापार में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस आर्टिकल में हम Finance Kya hai? और यह कितने प्रकार के होते है साथ ही फाइनेंस के मूल सिद्धांत और उसके व्यावसायिक उपयोगों को समझेंगे।

Finance Ka Kya Matlab hota hai? (Finance Meaning In Hindi)

सबसे पहले हमको यह जानना होगा Finance शब्द क्या होता है ? फाइनेंस शब्द का असल अर्थ है विधि या नियम। आर्थिक संवेदनशीलता के हिसाब से फाइनेंस से आशय धन निधि और रुपैया के व्यवस्था प्रबंधन और उपयोग से सम्बंधित होता है। फाइनेंस का मुख्या उद्देश्य धन की प्राप्ति व्यय और निवेश का नियंत्रण करना होता है। फाइनेंस व्यक्ति को धन व्यवस्था में सुधार और प्रगति करने में मदद करता है।

अगर आसान शब्दो में समझे तो फाइनेंस..

किसी भी प्रकार के छोटे से लेकर बड़े काम करने वाले प्रत्येक बिज़नेस और कंपनी को अपने बिज़नेस को सही ढंग से चलाने के लिए पूंजी की हमेशा आवश्यकता पड़ती ही है। फाइनेंस का सीधा सम्बन्ध मुद्रा या पूंजी से होता है। फाइनेंस के अंतर्गत बैंकिंग कार्य,क्रेडिट,इन्वेस्टमेंट,सम्पति और देनदारियां आते है। यहाँ पर स्पष्ट है फाइनेंस एक प्रकार का वह विज्ञान है मुद्रा,धन,बैंकिंग,लोन,इन्वेस्टमेंट,सम्पति और सभी प्रकार की देनदारियों के मैनेजमेंट,निर्माण और अध्ययन का उल्लेख करता है।

फाइनेंस के प्रकार (Type of Finance in Hindi)

फाइनेंस एक आर्थिक व्यवस्था और धन के प्रबंधन का प्रमुख हिस्सा है और यह अलग-अलग स्तर पर होता है। नीचे फाइनेंस के तीन प्रकार हैं: व्यक्तिगत फाइनेंस,निगम फाइनेंस और लोक फाइनेंस.

व्यक्तिगत फाइनेंस (Personal finance)

व्यक्तिगत फाइनेंस एक व्यक्ति या परिवार के व्यक्तिगत धन से सम्बंधित होता है। इसमें व्यक्ति अपने रोजगारन,बचत,निवेश और कर व्यवस्था को मैनेज करते हैं। व्यक्तिगत फाइनेंस में व्यक्ति अपने आय,खर्च और बचत को समझते हैं और वे अपने वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने और समृद्धि को बढ़ाने के लिए निवेश करते है इसमें रिटायरमेंट प्लानिंग टैक्स प्लानिंग और वित्तीय सुरक्षा भी शामिल होती है।

अगर सरल शब्दो में बोले तो एक व्यक्ति या परिवार के धन से सम्बंधित कार्य को पर्सनल फाइनेंस कहा जाता है इसको पर्सनल मनी मैनेजमेंट भी कहा जाता है। 

निगम फाइनेंस (Corporate Finance)

निगम फाइनेंस एक व्यावसायिक संगठन या कंपनी के धन से सम्बंधित होता है। इसमें व्यावसायिक संगठन अपने उत्पादन,विकास और वित्तीय स्थिति के लिए प्लानिंग और प्रबंधन करते हैं। निगम फाइनेंस में व्यावसायिक संगठन निवेश,कर व्यवस्था और वित्तीय योजनाए का मैनेजमेंट करते हैं। वे अपने उद्योग की प्रगति के लिए धन को बढ़ाने का प्रयास करते हैं। इसमें बजटिंग कैपिटल मैनेजमेंट और रिस्क असेसमेंट भी शामिल होता है।

अगर आसान शब्दो में समझे तो जितने भी प्रकार के बिज़नेस या कंपनी से रिलेटेड धन के कार्य होते है वह कॉर्पोरेट फाइनेंस यानी निगम वित् के अंतर्गत ही आते है।

लोक फाइनेंस (Public Finance)

लोक फाइनेंस सरकार और उसकी वित्तीय गतिविधियों से सम्बंधित होता है। इसमें सरकार अपने  देश या राज्य के विकास,प्रशासन और वित्तीय योजनाए के लिए बजट और वित्तीय प्रबंधन करते हैं। पब्लिक फाइनेंस सरकार के Revenue generation,Expenditure management, और fiscal policies को प्रबंधित करता है। फाइनेंस सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसमें टैक्स कलेक्शन,पब्लिक स्पेंडिंग और फिस्कल डेफिसिट भी शामिल होता है।

इन तीनो प्रकार के फाइनेंस का उद्देश्य धन की प्राप्ति,व्यय और निवेश का नियंत्रण करना होता है लेकिन उनका व्यावसायिक स्थर,उपयोग और महत्व अलग-अलग होता है। व्यक्तिगत फाइनेंस व्यक्ति की व्यक्तिगत आर्थिक सुरक्षा और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है निगम फाइनेंस व्यावसायिक संगठन की प्रगति और वित्तीय स्थिति के लिए महत्वपूर्ण है और लोक फाइनेंस सरकार और उसके नागरिकों के विकास के लिए महत्वपूर्ण है. इन तीनो प्रकार के फाइनेंस का सही प्रबंधन आर्थिक प्रगति और समृद्धि को बढ़ाने में मदद करता है।

फाइनेंस का क्या महत्त्व होता है?

फाइनेंस आर्थिक प्रगति और विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह किसी भी व्यवसाय,व्यक्ति या सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। नीचे कुछ मुख्य कारण दिए गए हैं जो फाइनेंस का महत्त्व बताते हैं:-

व्यावसायिक प्रगति: व्यावसायिक गतिविधियों के लिए व्यावसायिक फाइनेंस अत्यंत महत्वपूर्ण है। उद्योगों और व्यापारिओं को निवेश और वित उपलब्ध करने में यह मदद करता है।

निवेश और समृद्धि: फाइनेंस के माध्यम से लोग अपने धन को सही निवेश करते हैं जो समय के साथ समृद्धि को बढ़ता है। 

बजटिंग और प्लानिंग: फाइनेंस व्यक्ति को उनके वित्तीय लक्ष्यों को पूर्ण करने और बचत करने में मदद करता है। बजटिंग और प्लानिंग के माध्यम से व्यक्ति अपने धन को प्रबंधित करते हैं।

सरकारी प्रबंधन: सरकारी फाइनेंस सरकार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्यूंकि इससे सरकार अपनी वित्तीय योजनाए समृद्धि और प्रशासन को प्रबंधित करती है।

अंतर्राष्ट्रीय गतिविधियां: अंतर्राष्ट्रीय फाइनेंस देश के व्यापर और विदेशी निवेश के लिए महत्वपूर्ण है। यह देश के बाहर के धन व्यवस्था को प्रबंधित करता है।

फाइनेंस के मूल सिद्धांत

  • धन की समृद्धि: धन को प्रबंधित और बढ़ाया जाना चाहिए ताकि समृद्धि हो सके।
  • रिस्क और रिटर्न: निवेश करने पर हमेशा रिस्क होता है और ज्यादा रिस्क उठाने पर ज्यादा रिटर्न मिल सकता है।
  • सार्थक बजटिंग: बजटिंग के माध्यम से व्यक्ति अपने वित्तीय लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
  • समृद्धि के लिए निवेश: धन को समृद्धि के लिए सही जगह पर निवेश करना महत्वपूर्ण है।

FAQs on Finance (फाइनेंस पर पूछे जाने वाले प्रश्न):

Q: Finance Kya Hota hai?

Ans: फाइनेंस एक आर्थिक व्यवस्था और धन के प्रबंधन का प्रक्रिया है। इसमें धन की प्राप्ति,व्यय और निवेश का नियंत्रण होता है। फाइनेंस व्यावसायिक व्यक्तिगत और सरकारी स्थर पर होता है और धन व्यवस्था को सुधारने और प्रबंधित करने का कार्य करता है।

Q: व्यक्तिगत फाइनेंस और निगम फाइनेंस में क्या अंतर है?

Ans: व्यक्तिगत फाइनेंस व्यक्ति के व्यक्तिगत धन से सम्बंधित होता है जबकि निगम फाइनेंस व्यावसायिक संगठन या कंपनी के धन से जुड़ा होता है। व्यक्तिगत फाइनेंस में व्यक्ति अपनी बचत और वित्तीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हैं जबकि निगम फाइनेंस में व्यावसायिक संगठन अपने उत्पादन और विकास के लिए निवेश और वित्तीय प्रबंधन करते हैं।

Q: लोक फाइनेंस क्या होता है और इसका महत्व क्या है?

Ans: लोक फाइनेंस सरकार और उसकी वित्तीय गतिविधियों से सम्बंधित होता है। इसमें सरकार अपनेअपने राज्य के विकास,प्रशासन और वित्तीय योजनाए के लिए बजट और वित्तीय प्रबंधन करते हैं। लोक फाइनेंस सरकार के विकास और नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है क्यूंकि इससे सरकार अपनी वित्तीय योजनाए और समृद्धि को प्रबंधित करती है।

Q: फाइनेंस में निवेश कैसे किया जाता है?

Ans: फाइनेंस में निवेश के लिए आप अपने धन को अलग-अलग जगह में लगते हैं। आप स्टॉक मार्किट में शेयर खरीद कर या बैंक में फिक्स्ड डिपाजिट करके निवेश कर सकते हैं। निवेश के लिए आपको अपने लक्ष्यों और रिस्क कपीसिटी के अनुकूल निवेश को चुनना चाहिए।

Q: Finance का व्यावसायिक महत्व क्या है?

Ans: फाइनेंस व्यावसायिक दुनिया में अत्यंत महत्वपूर्ण है क्यूंकि यह व्यावसायिक संगठनों के धन वित्तीय प्रबंधन और उत्पादन को मैनेज करता है. व्यावसायिक फाइनेंस के बिना व्यावसायिक प्रगति संभव नहीं होती और व्यावसायिक संगठन अपने वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने और समृद्धि को बढ़ाने के लिए फाइनेंस का सही इस्तेमाल करते हैं।

Q: Finance में बजटिंग क्या है?

Ans: बजटिंग एक आर्थिक प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति,व्यावसायिक संगठन या सरकार अपने आय और खर्च को प्रबंधित करते हैं। इससे वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने और वित्तीय सुरक्षा को ध्यान में रखा जाता है। बजटिंग धन को सार्थक तरीके से व्यय करने और बचत करने में मदद करता है।

Q: Finance में टैक्स प्लानिंग क्या है?

Ans: टैक्स प्लानिंग एक प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति और व्यावसायिक संगठन अपने कर भुगतान को कम करने और लीगल तरीके से बचत करने के लिए व्यवस्थित तरीके से अपने वित्तीय गतिविधियों को प्रबंधित करते हैं।

निष्कर्ष: फाइनेंस एक आर्थिक व्यवस्था और व्यावसायिक गतिविधि का मूल है। यह धन प्रबंधन,निवेश और वित्तीय योजनाए को मैनेज करता है। फाइनेंस का सही प्रबंधन व्यावसायिक प्रगति,व्यक्तिगत समृद्धि और सरकारी विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके मूल सिद्धांत और व्यावसायिक उपयोग व्यावसायिक दुनिया में अत्यंत महत्वपूर्ण है और यह आर्थिक द्रष्टि से हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.

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