Income Tax Deduction In Hindi: 80C के अलावा टैक्स सेविंग ऑप्शन

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नमस्कार दोस्तों एक बार फिर आपका स्वागत है सीखो एकाउंटिंग में। 

Income Tax Deduction In Hindi-आज के इस आर्टिकल में हम आपको बतायंगे की आप किस प्रकार 80C के अलावा इनकम टैक्स के अंतर्गत टैक्स सेविंग कर सकते है?

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Income tax Deduction In Hindi || Tax Kaise Bachaye || Income Tax Kaise Bachaye || Other Than 80C Deduction in Hindi || 80D Deduction In Hindi

आपने ज्यादातर सिर्फ 80C के डिडक्शन के बारे में सुना होगा लेकिन इनकम टैक्स के अंतर्गत और भी ऐसे डिडक्शन है जिसे आप टैक्स प्लानिंग करके डिडक्शन ले सकते है।  चलिए जानते है..

1.80D के अंतर्गत डिडक्शन

Section 80D के अंतर्गत करदाता अपने और अपने फॅमिली के ऊपर किये गए हेल्थ इन्शुरन्स के खर्चे का डिडक्शन ले सकता है। लेकिन इस सेक्शन की कुछ कंडीशन भी है इनको अच्छे से जान ले

  • 60 साल से कम उम्र होने पर

अगर आप,पत्नी और बच्चो की उम्र की उम्र 60 से कम है+आपके माता-पिता की उम्र 60 साल से कम है तब आप 25+25 = 50,000 रूपये तक के हेल्थ इन्सुरेंस के प्रीमियम राशि का डिडक्शन सेक्शन 80D के अंतर्गत ले सकते है।

  • 60 साल से अधिक उम्र होने पर

अगर आप,पत्नी और बच्चो की उम्र की उम्र 60 से कम है+आपके माता-पिता की उम्र 60 साल से अधिक है तब आप 25+50 = 75,000 रूपये तक के हेल्थ इन्सुरेंस के प्रीमियम राशि का डिडक्शन सेक्शन 80D के अंतर्गत ले सकते है।

  • दोनों 60 साल से अधिक उम्र होने पर

अगर आप और पत्नी की उम्र की उम्र 60 से अधिक है+आपके माता-पिता की उम्र 60 साल से अधिक है तब आप 50+50 = 1,00,000 रूपये तक के हेल्थ इन्सुरेंस के प्रीमियम राशि का डिडक्शन सेक्शन 80D के अंतर्गत ले सकते है।

2.80DD के अंतर्गत डिडक्शन

सेक्शन 80DD के अंतर्गत अगर फॅमिली में किसी महिला या पुरुष को विकलांगता है तथा उसके इलाज पर आपने पैसा खर्चा किया है तब आप अधिकतम 75,000 रूपये तक के किये गए खर्चो का इस सेक्शन के अंतर्गत डिडक्शन अपनी ITR में क्लेम कर सकते है।

3.80E के अंतर्गत डिडक्शन

सेक्शन 80 E के अंतर्गत अगर करदाता द्वारा खुद के लिए या अपने किसी भी फॅमिली मेंबर के एजुकेशन (Education) के लिए लोन लिया है। तो उस लोन के interest अमाउंट का डिडक्शन इस सेक्शन के अंतर्गत लिया जा सकता है। लेकिन इसका डिडक्शन आप इंटरेस्ट रीपेमेंट शुरू होने से अगले 8 फाइनेंसियल ईयर तक ही ले सकते है।

4.80EE के अंतर्गत डिडक्शन

इस सेक्शन के अंतर्गत आप अतिरिक्त 50 हज़ार रूपये के इंटरेस्ट अमाउंट का डिडक्शन ले सकते है लेकिन इसकी कुछ कंडीशंस है जो निम्न प्रकार है-

  • लोन सैंक्शन साल : 1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017
  • प्रॉपर्टी की वैल्यू : Upto 50 lakh (50 लाख तक होने पर)
  • लोन अमाउंट : Upto 35 lakh (35 लाख तक होने पर)
  • पहला घर लेने पर

सेक्शन 80EE को इस उदहारण से समझ सकते है

जैसे एक व्यक्ति ने 2016-17 ईयर में अपना पहला घर लोन पर ख़रीदा जो 80EE की सारी कंडीशन को फुलफिल करता है मान लेते है उस घर के लोन पर सालाना 3 लाख रूपये के इंटरेस्ट अमाउंट चुकाता तब इस कंडीशन में सेक्शन 24 (B) के अंतर्गत 2 लाख के इंटरेस्ट अमाउंट का तथा सेक्शन 80EE के अंतर्गत 50 हज़ार के इंटरेस्ट अमाउंट का डिडक्शन अपनी ITR में  क्लेम कर सकता है। 3 लाख के इंटरेस्ट में से सिर्फ टोटल 2.50 लाख रूपये का ही डिडक्शन ले पायेगा।

5. 80EEA के अंतर्गत डिडक्शन

इस सेक्शन के अंतर्गत आप अतिरिक्त 1.5 लाख रूपये के इंटरेस्ट अमाउंट का डिडक्शन ले सकते है लेकिन इसकी कुछ कंडीशंस है जो निम्न प्रकार है-

  • लोन सैंक्शन साल : 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2021
  • प्रॉपर्टी की वैल्यू : Upto 45 lakh (45 लाख तक होने पर)
  • लोन अमाउंट : Upto 45 lakh (45 लाख तक होने पर)
  • पहला घर लेने पर
  • सेक्शन 80EEA को इस उदहारण से समझ सकते है

जैसे एक व्यक्ति ने 2019-20 ईयर में अपना पहला घर लोन पर ख़रीदा जो 80EEA की सारी कंडीशन को फुलफिल करता है मान लेते है उस घर के लोन पर सालाना 3 लाख रूपये के इंटरेस्ट अमाउंट चुकाता तब इस कंडीशन में सेक्शन 24 (B) के अंतर्गत 2 लाख के इंटरेस्ट अमाउंट का तथा सेक्शन 80EEA के अंतर्गत 1 लाख के इंटरेस्ट अमाउंट का डिडक्शन अपनी ITR में  क्लेम कर सकता है।

6.80EEB के अंतर्गत डिडक्शन

सरकार द्वारा 2019 में एक नया प्रावधान लाया जिसके अंतर्गत कोई भी व्यक्ति के द्वारा इलेक्ट्रिक वाहन जैसे कार,स्कूटी,बाइक आदि लेने पर सेक्शन 80EEB के अंतर्गत डिडक्शन ले सकते है इसकी कुछ कंडीशन है जो निम्न प्रकार है।

  1. यह डिडक्शन आपको इलेक्ट्रिक व्हीकल पर लिए गए लोन के इंटरेस्ट अमाउंट पर मिलेगा।
  2. इस सेक्शन का फायदा सिर्फ लाइफ में एक बार ही उठा सकते है।
  3. इस सेक्शन के अंतर्गत आपने इलेक्ट्रिक व्हीकल पर लोन 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2023 के बीच में लिया होना चाहिए।
  4. इस सेक्शन के अंतर्गत आप अधिकतम 1.5 लाख रूपये तक के इंटरेस्ट अमाउंट का डिडक्शन ले सकते है।
  5. इस सेक्शन का फायदा सिर्फ इंडिविजुअल टैक्सपेयर ही उठा सकते है।

7.80G के अंतर्गत डिडक्शन

कुछ निर्धारित संस्था या राहत कोष में दिए गए दान पर सेक्शन G के तहत करदाता अपनी इनकम में छूट प्राप्त कर सकता है। लेकिन इसके लिए कुछ कंडीशन को फुलफिल करना जरुरी है। दान में गए पैसे की कोई सीमा नहीं राखी गयी है लेकिन सरकार द्वारा कुछ ऐसी संस्था निर्धारित की गयी है जिसपे दान में दिए गए 100% अमाउंट का डिडक्शन करदाता द्वारा लिया जा सकता है।

जैसे The Prime minister Relief fund ,National Defense fund इन दोनों में किया गया दान का 100% अमाउंट का डिडक्शन करदाता ले सकता है इसके अलवा किये गए दान पर करदाता दान अमाउंट का 50% ही डिडक्शन claim कर सकता है।

नोट : इस सेक्शन के अंतर्गत 2 हज़ार रूपये तक ही cash में दान दे सकते है।

8.80TTA के अंतर्गत डिडक्शन

जिस करदाता की उम्र 60 साल या उससे कम है वह करदाता सेक्शन 80 TTA के अन्तर्गत सेविंग अकाउंट के interest अमाउंट का डिडक्शन Claim कर सकता है इस सेक्शन में इसकी अधिकतम लिमिट 10 हज़ार रखी गयी है।

9.80TTB के अंतर्गत डिडक्शन

जिस करदाता की उम्र 60 साल या उससे अधिक है वह करदाता सेक्शन 80 TTB  के अन्तर्गत सेविंग अकाउंट और फिक्स्ड डिपाजिट के interest अमाउंट का डिडक्शन Claim कर सकता है इस सेक्शन में इसकी अधिकतम लिमिट 50 हज़ार रखी गयी है।

10.24 (B) के अंतर्गत डिडक्शन

अगर आपने होम लोन लिया है तब आप सेक्शन 24 (बी) के अंतर्गत आप होम लोन के ब्याज तथा प्रिंसिपल अमाउंट पर डिडक्शन ले सकते है चलिए जानते है सेक्शन 24 (ब) के क्या Rule है।

(A).Self Occupied (मकान का उपयोग खुद के रहने के लिए करने पर )

अगर आपने खुद के रहने के लिए घर पर होम लोन लिया है तब आप उसपर दिए गए अधिकतम 2 लाख रूपये तक के इंटरेस्ट अमाउंट का डिडक्शन आप अपनी ITR में क्लेम कर सकते है।

(B).Let Out (मकान को किराये पर देने पर)

अगर आपके एक से ज्यादा मकान है तथा आपने किराये पर दिए मकान पर होम लोन ले रखा है तब आप एक साल में जितना भी इंटरेस्ट अमाउंट देते है आप पूरे अमाउंट का डिडक्शन अपनी ITR में क्लेम कर सकते है।

F&Q

Q: कितने लाख तक इनकम टैक्स फ्री है?

Ans : old Regime के हिसाब से 2.5 लाख रूपये तक की इनकम पर जीरो टैक्स लगता है तथा 2.5 से 5 लाख के बीच में 5% टैक्स लगता है जो की 12500/- होता है लेकिन करदाता को सेक्शन U/s 87A के अन्तर्गत 12500/- की रिबेट मिल जाती है जिससे करदाता के लिए 5 लाख रूपये तक की income टैक्स फ्री मान सकते है

Q : इनकम टैक्स कैसे बचा सकते है ?

Ans : आप इनकम टैक्स के प्रावधान का उपयोग करके 80C से 80U के अंतर्गत अपना इनकम टैक्स बचा सकते है।

निष्कर्ष : इस आर्टिकल में आपने जाना कि किस प्रकार 80C के अलावा इनकम टैक्स के अंतर्गत टैक्स सेविंग कर सकते है? इस आर्टिकल से रिलेटेड कोई भी चीज़ समझ न आ रही हो या आप हमसे कुछ पूछना चाहते है। तो नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है। अगर आपको हमारा यह लेख पसंद हो, तो इससे अपने दोस्तों में भी शेयर करें।
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