इनकम टैक्स के अंतर्गत गिफ्ट पर टैक्स छूट के नियम 2023 | Income Tax Gift Rules in Hindi

Spread the love

4.3/5 - (3 votes)

नमस्कार दोस्तों एक बार फिर आपका स्वागत है सीखो एकाउंटिंग में।

Income Tax Gift Rules in Hindi: इनकम टैक्स हर व्यक्ति के जीवन में एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है. यदि आप समय पर सही तरीके से कर भरते हैं तो आप अपने व्यक्तिगत और वंशिक वित्तियों को सुरक्षित रख सकते हैं. इस आर्टिकल में हम ‘उपहार’ के बारे में बात कर रहे है जहाँ आप भी उपहारों के माध्यम से अपने परिवार या मित्रों को ख़ुशी देना चाहते हैं और इस सम्बन्ध में कर छूट की जानकारी खोज रहे हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए उपयोगी साबित हो सकता है. इस आर्टिकल में हम 2023 में  इनकम टैक्स में गिफ्ट के रूल्स (Income Tax Gift Rules in hindi) पर विचार करेंगे.

सगे सम्बन्धियों और परिवार के व्यक्ति से मिले गिफ्ट पर टैक्स

अगर आप किसी परिवार के व्यक्ति से गिफ्ट मिलता हैं तो इस प्रकार के गिफ्ट पर टैक्स लगने से छुटकारा मिल सकता है.इनकम टैक्स एक्ट के तहत अगर आप अपने माता-पिता पति-पत्नी दादा-दादी पोता-पोती या किसी अन्य सम्बन्धी व्यक्ति को गिफ्ट देते हैं तो आपको उस गिफ्ट पर कोई भी कर देने की जरुरत नहीं होती. इसके अलावा आपके भाई-बेहेन भतीजे-भतीजी मौसी-मौसा चाचा-चची भांजे-भांजी आदि भी इस छुटकारा का लाभ उठा सकते हैं.

उदहारण:

मान लीजिये आपने अपने बेटे को एक नए कार उपहार में दी है. इस स्थिति में आपको इस गिफ्ट पर कोई भी कर भरना नहीं होगा क्यों की बेटे परिवार का व्यक्ति है और इस प्रकार के गिफ्ट पर कर मुक्ति दी गयी है.

दोस्तों और रिश्तेदार से मिले गिफ्ट पर टैक्स

अगर आप दोस्तों रिश्तेदार या अन्य व्यक्ति से मिले गिफ्ट की बात करते हैं तो इनकम टैक्स एक्ट के अंतर्गत यदि आपको एक साल के अंदर 50 हज़ार रुपये से अधिक की रकम के गिफ्ट मिलते हैं तो आपको उस पर कर भरना होगा. यह नियम सामान्य रूप से सभी प्रकार के गिफ्ट के लिए लागु होता है जैसे की कॅश,संपत्ति या अन्य माल. इसका मतलब है की अगर आप एक साल में किसी व्यक्ति से मिलने वाले सभी गिफ्ट की कुल राशि 50 हज़ार रुपये से कम है तो आपको किसी भी प्रकार के टैक्स का भुगतान नहीं करना होगा।

उदहारण:

मान लीजिये आपने अपने मित्र को एक साल में तीन बार अलग-अलग मौको पर 30 हज़ार रुपये के गिफ्ट दिए हैं. इस स्थिति में जब तक आपके दिए गए गिफ्ट की कुल रकम 50 हज़ार रुपये से कम है तब तक आपको उस पर कोई भी टैक्स भुगतान नहीं भरना होगा.

चल और अचल सम्पति के रूप में गिफ्ट मिलने पर:

अगर आपको चल या अचल सम्पति के रूप में गिफ्ट मिलता है जैसे की जमीन,मकान या कोई अन्य वस्तु तो आपको इस पर इनकम टैक्स एक्ट के नियमों के अनुसार कर देना होगा. इस प्रकार के गिफ्ट पर आपको समय-समय पर लगने वाले कर का भुगतान करना होगा.

उदहारण :

मान लीजिये आपके दादा-दादी ने आपको अपनी पुरानी मकान की दाखिल ख़ारिज का प्रमाण पत्र दिया है और आप इस मकान को बेचकर एक नए मकान खरीदना चाहते हैं. इस हिसाब से आपको दादा-दादी जी से मिले मकान पर कोई टैक्स नहीं देना होगा लेकिन आपके द्वारा ख़रीदे गए मकान को बेचने पर जो लाभ होगा उस पर आपको टैक्स देना होगा।

आय प्रकार के गिफ्ट जिन पर कोई टैक्स नहीं लगता है

कुछ प्रकार के गिफ्ट होते हैं जिन पर कोई भी टैक्स लागु नहीं होता. इसमें सामान्य तौर पर निम्न प्रकार के गिफ्ट शामिल होते हैं:

श्रद्धांजलि और मृत्यु होने पर दिए जाने वाले उपहार:

अगर आप किसी पारिवारिक सदमा के मौके पर श्रद्धा के रूप में दिए गए उपहार की बात करते हैं तो इस प्रकार के उपहार पर कोई भी टैक्स नहीं लगता है।

शादी विवाह के मोके पर मिले गिफ्ट पर टैक्स: किसी शादी विवाह मोको पर मिले किसी भी प्रकार के गिफ्ट पर कोई टैक्स नहीं लगता है। 

राज्य सरकार या केंद्र सरकार के द्वारा जारी पत्र-पत्रकारिता:

यदि आप किसी प्रकार के सरकारी पत्र-पत्रकारिता या अनुरोध पत्र के लिए दी गयी राशि की बात करते हैं तो इस पर भी कोई टैक्स नहीं लगता। 

सामाजिक उद्देश्यों के लिए-दिए जाने वाले राशि या वस्तु :

अगर आप किसी सामाजिक उद्देश्य के लिए राशि या वस्तु देते हैं जैसे की एक शिक्षा संस्था को डोनेशन तो आपको इस पर कोई टैक्स नहीं भरना पड़ेगा।

किसी ट्रस्ट और संस्थान से मिली प्रॉपर्टी :

किसी भी प्रकार ट्रस्ट या संस्थान से गिफ्ट के रूप में मिली प्रॉपर्टी पर भी किसी प्रकार का कोई टैक्स नहीं लगता है।

निष्कर्ष: इनकम टैक्स में गिफ्ट रूल्स एक्ट के अनुसार उपहार पर कर छूट के नियम व्यवस्थित तरीके से पालन करने की आवश्यकता है. यदि आप उपहार देते समय इन नियमों का पालन करते हैं तो आप अपने व्यक्तिगत और वंशिक वित्तियों को सुरक्षित रख सकते हैं. ध्यान रहे की कर छूट के नियम समय-समय पर बदलते रह सकते हैं इसलिए वित्तीय सलाहकार से संपर्क में रहे. इस प्रकार आप कर भुगतान के चक्कर में पड़ने से बच सकते हैं और उपहार देना ख़ुशी से कर सकते हैं.

यदि आपको यह आर्टिकल उपयोगी लगा हो या आपको किसी और विषय पर लिखने की इच्छा हो तो आप हमें जरूर बताएं. हम आपकी सुझाव और प्रतिक्रिया का स्वागत करते हैं।

Income Tax Gift Rules – FAQ (Frequently Asked Questions)

Q.उपहार क्या है और क्या उस पर कर छूट मिल सकती है?

Ans: उपहार धन या संपत्ति का प्रदान करने का एक तरीका है.यदि उपहार का मान 50 हज़ार रुपये या उससे अधिक है तो व्यक्तिगत उपहार पर कर छूट नहीं मिलती है. वंशिक रिश्तेदारों या संबंधियों को प्रदान किये गए उपहार पर कर छूट मिलती है चाहे उपहार का मान जितना भी हो।

Q: क्या व्यक्तिगत उपहार पर भी कर छूट मिलती है?

Ans: व्यक्तिगत उपहार पर कर छूट तभी मिलती है जब दिया गया उपहार का मान 50 हज़ार रुपये से कम हो।

Q: क्या उपहार पर कर भुगतान के लिए कोई प्रारूप देना पड़ता है?

Ans: हाँ यदि आप उपहार पर कर छूट का लाभ उठाना चाहते हैं तो आपको इनकम टैक्स एक्ट के अनुसार आवश्यक प्रारूप भरना होगा. आपका वित्तीय सलाहकार आपको इस प्रक्रिया में मदद कर सकता है।

Q: क्या इनकम टैक्स के गिफ्ट रूल्स समयसमय पर बदल सकते हैं?

Ans: हाँ इनकम टैक्स के गिफ्ट रूल्स समय-समय पर सरकार  के नियामक अधिकारीयों द्वारा बदल सकते है।

Q: क्या उपहार दिए जाने पर मुझे किसी प्रकार की छूट मिल सकती है?

Ans: हाँ यदि आप उपहार पर कर छूट का लाभ उठाना चाहते हैं तो आपको नियमों का पालन करना होगा.अगर आप सही तरीके से उपहार देते हैं तो आप उपहार पर कर छूट का लाभ उठा सकते हैं।

यह भी पढ़े:


Spread the love

Leave a Comment